प्रेगनेंसी में स्ट्रेच मार्क्स कब आते हैं? जानें किस महीने से शुरुआत होती है

4 min read Pokonut India

Medically Reviewed By:

Dr. Mousumi Dash, BAMS

Written by Our Editorial Team

प्रेगनेंसी का पांचवां महीना चल रहा है और पेट भी धीरे-धीरे बढ़ने लगा है। ऐसे में कई महिलाओं के मन में सवाल आता है कि प्रेगनेंसी में स्ट्रेच मार्क्स कब आते हैं (Pregnancy me stretch marks kab aate hai)? क्या ये अभी से दिखने लगेंगे या डिलीवरी के करीब आएंगे?

आमतौर पर प्रेगनेंसी में स्ट्रेच मार्क्स दूसरी तिमाही के आखिर से तीसरी तिमाही के दौरान ज्यादा दिखाई देते हैं। कई महिलाओं को ये पांचवें या छठे महीने में नजर आने लगते हैं, जबकि कुछ में 17 से 22 सप्ताह के आसपास भी शुरुआती निशान दिख सकते हैं।

हालांकि, हर महिला में इनका समय अलग होता है। कुछ को आखिरी महीने तक स्ट्रेच मार्क्स नहीं होते, तो कुछ को पेट बढ़ने की शुरुआत में ही दिखाई देने लगते हैं।

आइए समझते हैं कि किस महीने में स्ट्रेच मार्क्स आ सकते हैं, इनके शुरुआती संकेत क्या हैं और प्रेगनेंसी के दौरान स्किन की देखभाल कैसे करनी चाहिए।

मुख्य बातें (Key Takeaways)

  • प्रेगनेंसी में स्ट्रेच मार्क्स अक्सर पांचवें से सातवें महीने के दौरान दिखाई देने लगते हैं, लेकिन ये पहले या बाद में भी आ सकते हैं।

  • शुरुआती स्ट्रेच मार्क्स लाल, गुलाबी, बैंगनी या भूरे रंग की पतली लकीरों जैसे दिखाई दे सकते हैं।

  • बढ़ता पेट, हार्मोनल बदलाव, स्किन की बनावट और फैमिली हिस्ट्री इनके बनने में भूमिका निभाते हैं।

  • NHS के अनुसार, लगभग 10 में से 8 गर्भवती महिलाओं को स्ट्रेच मार्क्स हो सकते हैं।

  • मॉइस्चराइजर स्किन को मुलायम रखने और ड्राइनेस कम करने में मदद करता है, लेकिन स्ट्रेच मार्क्स की रोकथाम की गारंटी नहीं देता।

  • डिलीवरी के बाद ये निशान धीरे-धीरे हल्के हो सकते हैं, लेकिन आमतौर पर पूरी तरह गायब नहीं होते।

प्रेगनेंसी में किस महीने से स्ट्रेच मार्क्स आना शुरू होते हैं?

प्रेगनेंसी में स्ट्रेच मार्क्स आने का कोई निश्चित महीना नहीं है। हालांकि, ये दूसरी और तीसरी तिमाही में अधिक सामान्य होते हैं, जब बढ़ते बच्चे के साथ पेट का आकार तेजी से बदलता है।

NHS के 17वें और 22वें सप्ताह के प्रेगनेंसी गाइड में भी स्ट्रेच मार्क्स को संभावित स्किन बदलाव के रूप में बताया गया है। इसका मतलब यह नहीं कि हर महिला को इन्हीं हफ्तों में निशान आएंगे।

नीचे दी गई टेबल से समझिए कि अलग-अलग महीनों में क्या हो सकता है।

प्रेगनेंसी का समय

स्ट्रेच मार्क्स कब दिख सकते हैं?

पहला से तीसरा महीना (1–12 सप्ताह)

पेट पर स्ट्रेच मार्क्स आना कम सामान्य है, लेकिन ब्रेस्ट या अन्य हिस्सों में बदलाव शुरू हो सकते हैं।

चौथा से पांचवां महीना (13–22 सप्ताह)

कुछ महिलाओं को पेट, ब्रेस्ट या जांघों पर शुरुआती निशान दिखाई दे सकते हैं।

छठा से सातवां महीना (23–30 सप्ताह)

पेट का आकार बढ़ने के साथ स्ट्रेच मार्क्स दिखाई देना अधिक सामान्य हो जाता है।

आठवां से नौवां महीना (31–40 सप्ताह)

नए स्ट्रेच मार्क्स बन सकते हैं या पहले से मौजूद निशान ज्यादा नजर आ सकते हैं।

डिलीवरी के बाद

पुराने निशान धीरे-धीरे हल्के हो सकते हैं।

यह एक सामान्य टाइमलाइन है। हफ्तों और महीनों का मिलान भी अनुमानित है और हर महिला की प्रेगनेंसी अलग होती है।

क्या चौथे महीने में स्ट्रेच मार्क्स आ सकते हैं?

हां, कुछ महिलाओं को चौथे महीने में भी स्ट्रेच मार्क्स दिखाई दे सकते हैं।

इस समय शरीर में कई बदलाव हो रहे होते हैं। ब्रेस्ट का आकार बढ़ सकता है और पेट भी धीरे-धीरे निकलने लगता है। ऐसे में स्किन पर हल्की लकीरें दिखाई देना संभव है।

अगर सातवें महीने तक स्ट्रेच मार्क्स नहीं आए तो क्या आगे भी नहीं आएंगे?

ऐसा जरूरी नहीं है।

कुछ महिलाओं को आठवें या नौवें महीने में पहली बार स्ट्रेच मार्क्स दिखाई देते हैं। वहीं कुछ महिलाओं को पूरी प्रेगनेंसी में एक भी निशान नहीं होता।

इसलिए सातवें महीने तक स्ट्रेच मार्क्स न आने का मतलब यह नहीं कि आगे भी नहीं आएंगे।

स्ट्रेच मार्क्स आने से पहले स्किन पर क्या बदलाव दिखाई देते हैं?

स्ट्रेच मार्क्स अचानक दिखाई दे सकते हैं। कुछ महिलाओं को पहले स्किन में खिंचाव या खुजली महसूस होती है, जबकि कुछ को सीधे पतली लकीरें नजर आती हैं।

इनके तीन सामान्य संकेत हो सकते हैं।

1. पेट या ब्रेस्ट की स्किन में खिंचाव महसूस होना

जैसे-जैसे पेट और ब्रेस्ट का आकार बढ़ता है, आसपास की स्किन टाइट या खिंची हुई महसूस हो सकती है।

कभी-कभी स्किन में ड्राइनेस भी बढ़ जाती है।

हालांकि, स्किन में खिंचाव महसूस होने का मतलब यह नहीं कि स्ट्रेच मार्क्स जरूर आएंगे। यह प्रेगनेंसी में होने वाला एक सामान्य बदलाव भी हो सकता है।

2. लाल, गुलाबी, बैंगनी या भूरे रंग की लकीरें दिखना

स्ट्रेच मार्क्स का सबसे स्पष्ट संकेत स्किन पर पतली, लंबी और कभी-कभी थोड़ी उभरी हुई लकीरें दिखाई देना है।

इनका रंग आपकी स्किन टोन पर निर्भर करता है।

हल्की स्किन पर ये गुलाबी या लाल दिख सकते हैं, जबकि गेहूंए और गहरे भारतीय स्किन टोन पर बैंगनी, भूरे या गहरे रंग के हो सकते हैं।

शुरुआत में निशान थोड़े गहरे दिखाई दे सकते हैं और समय के साथ इनका रंग बदल सकता है।

3. स्किन पर हल्की खुजली होना

पेट बढ़ने के दौरान स्किन में हल्की खुजली महसूस हो सकती है। NHS के अनुसार, कुछ महिलाओं में स्ट्रेच मार्क्स दिखाई देने से पहले खुजली एक शुरुआती संकेत हो सकती है।

लेकिन हर खुजली का कारण स्ट्रेच मार्क्स नहीं होता।

अगर खुजली बहुत ज्यादा है, खासकर रात में या हथेलियों और तलवों पर, तो डॉक्टर से तुरंत सलाह लेना जरूरी है।

प्रेगनेंसी में स्ट्रेच मार्क्स क्यों आते हैं?

प्रेगनेंसी में स्ट्रेच मार्क्स तब बनते हैं जब स्किन की बीच वाली परत, जिसे डर्मिस (Dermis) कहा जाता है, की संरचना में बदलाव होने लगते हैं।

इस परत में कोलेजन और इलास्टिन नाम के प्रोटीन होते हैं।

कोलेजन स्किन को मजबूती देता है, जबकि इलास्टिन उसे खिंचने और वापस अपनी सामान्य स्थिति में आने में मदद करता है।

जब पेट या शरीर का कोई हिस्सा तेजी से बढ़ता है, तो स्किन के इन सपोर्टिंग फाइबर्स में बदलाव आ सकते हैं। इससे स्किन पर स्ट्रेच मार्क्स बन सकते हैं।

इनके बनने में तीन प्रमुख कारण भूमिका निभाते हैं।

1. बढ़ता हुआ पेट: बच्चे के विकास के साथ पेट का आकार बढ़ता है और स्किन को फैलना पड़ता है।

2. हार्मोनल बदलाव: प्रेगनेंसी के दौरान हार्मोन में बदलाव स्किन के कनेक्टिव टिश्यू को प्रभावित कर सकते हैं।

3. जेनेटिक्स और फैमिली हिस्ट्री: अगर आपकी मां या बहन को प्रेगनेंसी में स्ट्रेच मार्क्स हुए थे, तो आपके इनमें विकसित होने की संभावना अधिक हो सकती है। हालांकि, यह निश्चित नहीं है।

स्ट्रेच मार्क्स का होना इस बात का संकेत नहीं है कि आपने अपनी स्किन की सही देखभाल नहीं की।

प्रेगनेंसी में कितनी महिलाओं को स्ट्रेच मार्क्स होते हैं? रिसर्च क्या कहती है?

स्ट्रेच मार्क्स प्रेगनेंसी में होने वाले सबसे आम स्किन बदलावों में से एक हैं।

लेकिन क्या ये सभी महिलाओं को होते हैं? और क्या क्रीम या तेल लगाकर इन्हें रोका जा सकता है?

इन सवालों पर दो बड़े मेडिकल स्रोत उपयोगी जानकारी देते हैं।

1. कितनी गर्भवती महिलाओं को स्ट्रेच मार्क्स होते हैं?

UK की नेशनल हेल्थ सर्विस (NHS) के अनुसार, प्रेगनेंसी के दौरान लगभग 10 में से 8 महिलाओं को स्ट्रेच मार्क्स होते हैं।

वहीं Cochrane की systematic review के अनुसार, अलग-अलग अध्ययनों में लगभग 50% से 90% गर्भवती महिलाओं में स्ट्रेच मार्क्स पाए गए हैं।

मेडिकल स्रोत

स्ट्रेच मार्क्स का अनुमान

NHS

लगभग 80% गर्भवती महिलाएं

Cochrane Review

लगभग 50%–90% गर्भवती महिलाएं

ये आंकड़े अलग-अलग आबादियों और अध्ययनों पर आधारित हैं। इसका मतलब यह नहीं कि हर महिला की स्ट्रेच मार्क्स होने की संभावना ठीक 80% है।

इस रिसर्च से यह स्पष्ट होता है कि प्रेगनेंसी में स्ट्रेच मार्क्स होना बहुत सामान्य है।

वैज्ञानिक स्रोत: NHS – Stretch Marks in Pregnancy

2. क्या क्रीम या तेल लगाने से स्ट्रेच मार्क्स रोके जा सकते हैं?

यह सवाल इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि प्रेगनेंसी के दौरान कई महिलाओं को नारियल तेल, कोकोआ बटर या दूसरी क्रीम लगाने की सलाह दी जाती है।

लेकिन वैज्ञानिक रिसर्च क्या कहती है?

2022 में प्रकाशित Cochrane systematic review में छह क्लिनिकल ट्रायल्स का विश्लेषण किया गया, जिनमें कुल 800 महिलाएं शामिल थीं।

इन ट्रायल्स में अलग-अलग क्रीम और तेलों की जांच की गई, जिनमें ऑलिव ऑयल, कोकोआ बटर और कुछ विशेष स्किनकेयर फॉर्मूले शामिल थे।

रिसर्च में क्या मिला?

  • जांचे गए प्रोडक्ट्स से स्ट्रेच मार्क्स की रोकथाम का स्पष्ट लाभ साबित नहीं हुआ।

  • कुछ अध्ययनों ने निशानों की गंभीरता की जांच भी की, लेकिन उसमें भी स्पष्ट अंतर नहीं मिला।

  • शोधकर्ताओं ने कहा कि प्रभावी रोकथाम के दावे के लिए बड़े और बेहतर क्लिनिकल ट्रायल्स की जरूरत है।

इसका मतलब यह नहीं कि मॉइस्चराइजर लगाना बेकार है।

मॉइस्चराइजर स्किन की ड्राइनेस, खिंचाव और असहजता को कम करने में मदद कर सकता है। लेकिन इसे स्ट्रेच मार्क्स रोकने का पक्का तरीका नहीं मानना चाहिए।

वैज्ञानिक स्रोत: Brennan M, Young G, Devane D. (2022). Topical Preparations for Preventing Stretch Marks in Pregnancy. Cochrane Database of Systematic Reviews.

पूरी रिसर्च पढ़ें

प्रेगनेंसी में स्ट्रेच मार्क्स सबसे ज्यादा कहां आते हैं?

ज्यादातर महिलाएं पेट पर स्ट्रेच मार्क्स आने की चिंता करती हैं, लेकिन ये शरीर के दूसरे हिस्सों पर भी दिखाई दे सकते हैं।

शरीर का हिस्सा

स्ट्रेच मार्क्स क्यों आ सकते हैं?

पेट

बढ़ते बच्चे के साथ पेट की स्किन फैलती है।

ब्रेस्ट

प्रेगनेंसी में ब्रेस्ट का आकार बढ़ सकता है।

जांघें

शरीर के आकार और वजन में बदलाव से स्किन पर खिंचाव बढ़ सकता है।

हिप्स और नितंब

इन हिस्सों में भी तेजी से आकार बदलने के कारण निशान बन सकते हैं।

पेट स्ट्रेच मार्क्स का सबसे सामान्य हिस्सा है, लेकिन हर महिला में निशान एक ही जगह नहीं आते।

किसी को केवल पेट पर स्ट्रेच मार्क्स होते हैं, जबकि किसी को ब्रेस्ट और जांघों पर भी दिखाई दे सकते हैं।

प्रेगनेंसी में स्ट्रेच मार्क्स से बचने के लिए क्या करें?

स्ट्रेच मार्क्स को पूरी तरह रोकने का कोई भरोसेमंद तरीका अभी तक साबित नहीं हुआ है।

फिर भी प्रेगनेंसी के दौरान कुछ आसान आदतें अपनाने से स्किन की ड्राइनेस और असहजता कम की जा सकती है।

1. स्किन को नियमित रूप से मॉइस्चराइज करें

बढ़ते पेट के साथ स्किन कभी-कभी ज्यादा टाइट और ड्राई महसूस हो सकती है।

ऐसे में एक सौम्य मॉइस्चराइजर लगाने से स्किन मुलायम रह सकती है और ड्राइनेस के कारण होने वाली खुजली कम हो सकती है।

नहाने के बाद हल्की नम स्किन पर मॉइस्चराइजर लगाना नमी बनाए रखने का एक अच्छा तरीका है।

ध्यान रखें कि मॉइस्चराइजिंग का मुख्य फायदा स्किन को आराम देना है, स्ट्रेच मार्क्स की गारंटीड रोकथाम नहीं।

2. प्रेगनेंसी में वजन बढ़ने को लेकर डॉक्टर की सलाह मानें

प्रेगनेंसी में वजन बढ़ना सामान्य और जरूरी है।

बहुत तेजी से वजन बढ़ना स्ट्रेच मार्क्स के जोखिम से जुड़ा हो सकता है, लेकिन वजन बढ़ने से पूरी तरह बचना न तो संभव है और न ही सही।

अपने शरीर की जरूरत के अनुसार कितना वजन बढ़ना चाहिए, इसके लिए गायनेकोलॉजिस्ट की सलाह लें।

स्ट्रेच मार्क्स रोकने के लिए खुद से डाइटिंग या वजन घटाने की कोशिश न करें।

3. पर्याप्त पानी पिएं और संतुलित आहार लें

प्रेगनेंसी में पर्याप्त पानी पीना और संतुलित भोजन करना आपके सामान्य स्वास्थ्य के लिए जरूरी है।

प्रोटीन, फल, सब्जियां और दूसरे जरूरी पोषक तत्व शरीर के सामान्य टिश्यू मेंटेनेंस में भूमिका निभाते हैं।

लेकिन किसी विशेष भोजन, जूस या सप्लीमेंट के बारे में यह दावा करना सही नहीं होगा कि उससे स्ट्रेच मार्क्स नहीं होंगे।

4. स्किन पर जलन पैदा करने वाले प्रोडक्ट्स से बचें

अगर पेट या ब्रेस्ट की स्किन ड्राई या संवेदनशील हो गई है, तो हार्श स्क्रब, तेज खुशबू वाले प्रोडक्ट्स और बहुत गर्म पानी से परेशानी बढ़ सकती है।

सौम्य स्किनकेयर प्रोडक्ट्स चुनें और किसी नए प्रोडक्ट को इस्तेमाल करने से पहले उसके इंग्रीडिएंट्स जरूर देखें।

प्रेगनेंसी में रेटिनॉइड वाले प्रोडक्ट्स से बचना चाहिए, जब तक डॉक्टर किसी विशेष स्थिति में उपयुक्त निर्देश न दें।

प्रेगनेंसी में स्ट्रेच मार्क्स की क्रीम कब से लगानी चाहिए?

प्रेगनेंसी में मॉइस्चराइजिंग क्रीम इस्तेमाल करने के लिए किसी खास महीने का इंतजार करना जरूरी नहीं है।

अगर पेट, ब्रेस्ट या जांघों की स्किन ड्राई, टाइट या असहज महसूस होने लगी है, तो डॉक्टर की सलाह से एक उपयुक्त मॉइस्चराइजर इस्तेमाल किया जा सकता है।

कुछ महिलाएं पहले ट्राइमेस्टर से ही मॉइस्चराइजिंग रूटीन शुरू करती हैं, जबकि कुछ को इसकी जरूरत बाद में महसूस होती है।

हालांकि, पहले महीने से क्रीम लगाने का मतलब यह नहीं कि स्ट्रेच मार्क्स नहीं आएंगे।

क्रीम चुनते समय ऐसी सामग्री देखें जो स्किन को हाइड्रेट करने और नमी बनाए रखने में मदद करती हो, जैसे:

  • हायलूरोनिक एसिड: स्किन में नमी बनाए रखने में मदद करता है।

  • शिया बटर: ड्राई स्किन को मुलायम बनाता है और नमी कम होने से बचाने में मदद करता है।

  • ग्लिसरीन: स्किन में पानी बनाए रखने में मदद करता है।

  • नारियल तेल: एक इमोलिएंट के रूप में स्किन को मुलायम रखने में मदद कर सकता है।

अगर आप इस विषय पर विस्तार से जानना चाहती हैं, तो प्रेगनेंसी में स्ट्रेच मार्क्स क्रीम कब शुरू करनी चाहिए, यह भी एक उपयोगी सवाल है।

Pokonut Natural Stretch Mark Cream का क्या रोल है?

Pokonut Natural Stretch Mark Cream में हायलूरोनिक एसिड, शिया बटर, रोजहिप सीड ऑयल और मुलेठी जैसे इंग्रीडिएंट्स शामिल हैं।

इसमें मौजूद मॉइस्चराइजिंग इंग्रीडिएंट्स ड्राई और खिंची हुई स्किन को मुलायम रखने और नमी बनाए रखने में मदद कर सकते हैं।

हालांकि, यह क्रीम स्ट्रेच मार्क्स को पूरी तरह रोकने या मिटाने की गारंटी नहीं देती।

प्रेगनेंसी में इसे या किसी भी नए स्किनकेयर प्रोडक्ट को इस्तेमाल करने से पहले अपने गायनेकोलॉजिस्ट से सलाह लें। पहले छोटे हिस्से पर पैच टेस्ट करें और जलन होने पर इस्तेमाल बंद कर दें।

डिलीवरी के बाद स्ट्रेच मार्क्स कब हल्के होने लगते हैं?

डिलीवरी के बाद स्ट्रेच मार्क्स का रंग धीरे-धीरे हल्का होने लगता है।

प्रेगनेंसी में जो निशान लाल, गुलाबी या बैंगनी दिखाई देते हैं, वे समय के साथ सफेद, सिल्वर या आसपास की स्किन से हल्के रंग के हो सकते हैं।

हालांकि, इस बदलाव का समय हर महिला में अलग होता है।

कुछ महिलाओं में कुछ महीनों के भीतर निशान कम दिखाई देने लगते हैं, जबकि दूसरों में बदलाव आने में अधिक समय लग सकता है।

क्या स्ट्रेच मार्क्स पूरी तरह गायब हो जाते हैं?

आमतौर पर नहीं।

स्ट्रेच मार्क्स एक प्रकार के स्कार होते हैं। समय के साथ उनका रंग और दिखावट बदल सकती है, लेकिन वे पूरी तरह गायब हों, यह जरूरी नहीं है।

नए और पुराने स्ट्रेच मार्क्स में क्या अंतर होता है, यह समझने के लिए लाल और सफेद स्ट्रेच मार्क्स के बीच अंतर जानना उपयोगी हो सकता है।

डिलीवरी के बाद भी मॉइस्चराइजिंग स्किन को मुलायम रखने और ड्राइनेस कम करने में मदद कर सकती है।

अगर आपकी सिजेरियन डिलीवरी हुई है, तो ऑपरेशन के घाव पर या उसके आसपास क्रीम लगाने से पहले यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि घाव पूरी तरह ठीक हो चुका है और डॉक्टर ने इसकी अनुमति दी है।

प्रेगनेंसी में स्ट्रेच मार्क्स के साथ कब डॉक्टर को दिखाना चाहिए?

प्रेगनेंसी में सामान्य स्ट्रेच मार्क्स नुकसानदायक नहीं होते और इन्हें मेडिकल ट्रीटमेंट की जरूरत नहीं होती।

लेकिन हर तरह की खुजली या स्किन पर दिखने वाला निशान स्ट्रेच मार्क्स नहीं होता।

इन स्थितियों में डॉक्टर से सलाह लें:

  • पेट पर बहुत ज्यादा खुजली हो रही हो।

  • खुजली के साथ लाल दाने, बड़े चकत्ते या रैश दिखाई दें।

  • खुजली इतनी ज्यादा हो कि रात में नींद खराब हो।

  • हथेलियों या पैरों के तलवों पर खुजली हो, खासकर रात के समय।

  • स्किन पर दर्द, सूजन या कोई असामान्य बदलाव दिखाई दे।

खास ध्यान दें: प्रेगनेंसी में हथेलियों और तलवों पर तेज खुजली कभी-कभी Intrahepatic Cholestasis of Pregnancy (ICP) नाम की लिवर से जुड़ी समस्या का संकेत हो सकती है।

ऐसे लक्षणों को सामान्य स्किन स्ट्रेचिंग समझकर नजरअंदाज न करें। तुरंत अपने गायनेकोलॉजिस्ट या मैटरनिटी केयर टीम से संपर्क करें।

स्रोत: NHS – Itching and Intrahepatic Cholestasis of Pregnancy

निष्कर्ष

प्रेगनेंसी में स्ट्रेच मार्क्स आमतौर पर दूसरी तिमाही के आखिर और तीसरी तिमाही में दिखाई देने लगते हैं। कुछ महिलाओं को चौथे या पांचवें महीने में भी निशान आ सकते हैं, जबकि कुछ को आखिरी महीनों तक नहीं होते।

इनका समय आपकी स्किन, हार्मोनल बदलाव, फैमिली हिस्ट्री और शरीर में होने वाले बदलावों पर निर्भर करता है।

स्ट्रेच मार्क्स को पूरी तरह रोकने का कोई पक्का तरीका नहीं है। लेकिन नियमित मॉइस्चराइजिंग से स्किन की ड्राइनेस और असहजता कम की जा सकती है।

सबसे जरूरी है कि आप अपनी स्किन में होने वाले बदलावों को समझें और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह लें।

 


 

मेडिकल रेफरेंस

  1. NHS. Stretch Marks in Pregnancy. प्रेगनेंसी में स्ट्रेच मार्क्स की सामान्यता, शुरुआती बदलाव और डिलीवरी के बाद होने वाले बदलावों की जानकारी।
    https://www.nhs.uk/pregnancy/common-symptoms/stretch-marks/

  2. Brennan M, Young G, Devane D. (2022). Topical Preparations for Preventing Stretch Marks in Pregnancy. Cochrane Database of Systematic Reviews, Issue 4, CD000066.
    https://www.cochrane.org/evidence/CD000066_topical-preparations-preventing-stretch-marks-pregnancy

  3. American College of Obstetricians and Gynecologists (ACOG). Skin Conditions During Pregnancy. प्रेगनेंसी के सामान्य स्किन बदलाव और स्ट्रेच मार्क्स पर मेडिकल गाइड।
    https://www.acog.org/womens-health/faqs/skin-conditions-during-pregnancy

  4. NHS. 17 Weeks Pregnant Guide. प्रेगनेंसी के 17वें सप्ताह में स्किन बदलाव और स्ट्रेच मार्क्स की जानकारी।
    https://www.nhs.uk/best-start-in-life/pregnancy/week-by-week-guide-to-pregnancy/2nd-trimester/week-17/

  5. NHS. 22 Weeks Pregnant Guide. 22वें सप्ताह के दौरान स्ट्रेच मार्क्स सहित सामान्य शारीरिक बदलावों की जानकारी।
    https://www.nhs.uk/best-start-in-life/pregnancy/week-by-week-guide-to-pregnancy/2nd-trimester/week-22/

मेडिकल डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी के लिए है और डॉक्टर की सलाह का विकल्प नहीं है। प्रेगनेंसी में तेज खुजली, असामान्य रैश या किसी नए स्किनकेयर प्रोडक्ट के इस्तेमाल से जुड़ी चिंता होने पर अपने गायनेकोलॉजिस्ट से सलाह लें।

 

About Doctor :

Dr. Mousumi Dash, BAMS

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Frequently Asked Questions

प्रेगनेंसी में स्ट्रेच मार्क्स कितने महीने से शुरू होते हैं?

प्रेगनेंसी में स्ट्रेच मार्क्स अक्सर पांचवें से सातवें महीने के आसपास दिखाई देने लगते हैं। हालांकि, कुछ महिलाओं को चौथे महीने में भी शुरुआती निशान दिख सकते हैं, जबकि कुछ में आखिरी महीनों तक नहीं आते। इसका कोई निश्चित महीना नहीं है।

हां, चौथे महीने में स्ट्रेच मार्क्स आना संभव है। इस दौरान शरीर में बदलाव शुरू हो चुके होते हैं और ब्रेस्ट या पेट की स्किन पर खिंचाव बढ़ सकता है। हालांकि, सभी महिलाओं को इस समय निशान नहीं दिखाई देते।

जरूरी नहीं, लेकिन संभव है। कुछ महिलाओं को आठवें या नौवें महीने में स्ट्रेच मार्क्स दिखाई देते हैं, जबकि कुछ को पूरी प्रेगनेंसी में नहीं होते। सातवें महीने तक निशान न आना आगे के लिए कोई निश्चित संकेत नहीं है।

शुरुआती स्ट्रेच मार्क्स स्किन पर लाल, गुलाबी, बैंगनी या भूरे रंग की पतली लकीरों जैसे दिखाई दे सकते हैं। कुछ महिलाओं को प्रभावित हिस्से में हल्की खुजली या खिंचाव भी महसूस होता है, लेकिन हर खुजली स्ट्रेच मार्क्स का संकेत नहीं होती।

नहीं। NHS के अनुसार, लगभग 10 में से 8 गर्भवती महिलाओं में स्ट्रेच मार्क्स विकसित होते हैं। हालांकि, कुछ महिलाओं को पूरे नौ महीनों में एक भी स्ट्रेच मार्क नहीं होता। इनका बनना स्किन की बनावट, जेनेटिक्स और दूसरे कारकों पर निर्भर करता है।

नारियल तेल और मॉइस्चराइजिंग क्रीम से ड्राई स्किन को मुलायम रखने और असहजता कम करने में मदद मिल सकती है। लेकिन वैज्ञानिक अध्ययनों में यह साबित नहीं हुआ है कि इनसे प्रेगनेंसी के स्ट्रेच मार्क्स को पूरी तरह रोका जा सकता है।

डिलीवरी के बाद स्ट्रेच मार्क्स का रंग धीरे-धीरे हल्का हो सकता है और वे पहले से कम दिखाई दे सकते हैं। हालांकि, वे आमतौर पर पूरी तरह गायब नहीं होते। निशान हल्के होने में कई महीने या उससे अधिक समय लग सकता है।