डिलीवरी के बाद पेट के निशान कैसे हटाएं? जानें सही और असरदार उपाय

4 min read Pokonut India

Medically Reviewed By:

Dr. Mousumi Dash, BAMS

Written by Our Editorial Team

डिलीवरी को दो या तीन महीने हो गए हैं, लेकिन पेट पर प्रेगनेंसी के दौरान बने लाल और सफेद निशान अभी भी दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में सवाल आता है कि डिलीवरी के बाद पेट के निशान कैसे हटाएं (Delivery ke baad pet ke nishan kaise hataye)? क्या ये अपने आप हल्के हो जाएंगे या इन्हें कम करने के लिए किसी क्रीम या ट्रीटमेंट की जरूरत होगी?

डिलीवरी के बाद पेट के स्ट्रेच मार्क्स को पूरी तरह हटाना मुश्किल है, क्योंकि ये स्किन की अंदरूनी परत में बने एक प्रकार के निशान होते हैं। हालांकि, समय के साथ इनका रंग हल्का हो सकता है। कुछ मेडिकल क्रीम नए लाल या बैंगनी निशानों में मदद कर सकती हैं, जबकि पुराने सफेद निशानों के लिए लेजर और माइक्रोनीडलिंग जैसे ट्रीटमेंट उपयोगी हो सकते हैं।

लेकिन हर निशान के लिए एक जैसा इलाज सही नहीं होता।

आइए समझते हैं कि डिलीवरी के बाद पेट पर बने निशानों को कैसे पहचानें, उन्हें कम करने के कौन से उपाय वैज्ञानिक रूप से उपयोगी हैं और स्तनपान या C-section के बाद किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

मुख्य बातें (Key Takeaways)

  • डिलीवरी के बाद स्ट्रेच मार्क्स धीरे-धीरे हल्के हो सकते हैं, लेकिन आमतौर पर पूरी तरह गायब नहीं होते।

  • नए लाल या बैंगनी स्ट्रेच मार्क्स कुछ उपचारों के प्रति पुराने सफेद निशानों से बेहतर प्रतिक्रिया दे सकते हैं।

  • मॉइस्चराइजिंग क्रीम स्किन को मुलायम रखने और ड्राइनेस कम करने में मदद करती है, लेकिन पुराने स्ट्रेच मार्क्स को मिटाने का प्रमाणित इलाज नहीं है।

  • ट्रेटिनॉइन जैसी प्रिस्क्रिप्शन क्रीम और लेजर या RF माइक्रोनीडलिंग जैसे ट्रीटमेंट से कुछ लोगों में सुधार हो सकता है।

  • स्तनपान के दौरान दवा वाली क्रीम इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

  • C-section के ताजे या पूरी तरह न भरे घाव पर क्रीम, तेल या मालिश नहीं करनी चाहिए।

क्या डिलीवरी के बाद पेट के निशान पूरी तरह हट सकते हैं?

नहीं, डिलीवरी के बाद पेट के स्ट्रेच मार्क्स को पूरी तरह हटाने की गारंटी किसी क्रीम या मेडिकल ट्रीटमेंट से नहीं दी जा सकती। हालांकि, उनकी दिखावट कम की जा सकती है।

स्ट्रेच मार्क्स, जिन्हें मेडिकल भाषा में Striae Distensae कहा जाता है, स्किन की बीच वाली परत यानी डर्मिस में बनते हैं।

प्रेगनेंसी में पेट का आकार तेजी से बढ़ने और हार्मोनल बदलावों के कारण स्किन के कोलेजन और इलास्टिन जैसे सपोर्टिंग प्रोटीन की संरचना प्रभावित हो सकती है। इससे स्किन पर लंबी, पतली लकीरें बन जाती हैं।

डिलीवरी के बाद पेट का आकार कम होने लगता है, लेकिन स्ट्रेच मार्क्स तुरंत गायब नहीं होते।

समय के साथ इनके रंग और बनावट में बदलाव आ सकता है। कुछ मेडिकल ट्रीटमेंट इन्हें कम दिखाई देने में मदद कर सकते हैं।

अच्छी बात यह है कि स्ट्रेच मार्क्स आमतौर पर नुकसानदायक नहीं होते और इन्हें हटाना मेडिकल जरूरत नहीं है।

पहले पहचानें: पेट पर स्ट्रेच मार्क्स हैं, काली लाइन है या C-section का निशान?

डिलीवरी के बाद पेट पर दिखाई देने वाले सभी निशान स्ट्रेच मार्क्स नहीं होते।

कई महिलाओं को प्रेगनेंसी के दौरान पेट के बीच में एक गहरी लाइन दिखाई देती है। वहीं C-section से डिलीवरी होने पर पेट के निचले हिस्से में सर्जरी का निशान भी होता है।

इन तीनों में फर्क समझना जरूरी है, क्योंकि इनकी देखभाल अलग होती है।

निशान

कैसे पहचानें?

क्या यह हल्का हो सकता है?

स्ट्रेच मार्क्स

पेट पर कई लाल, बैंगनी, भूरी या सफेद लकीरें

समय के साथ हल्के हो सकते हैं, लेकिन पूरी तरह नहीं मिटते

Linea Nigra (काली लाइन)

नाभि से नीचे या ऊपर जाने वाली एक गहरी सीधी लाइन

अक्सर डिलीवरी के बाद हार्मोन सामान्य होने पर हल्की होती है

C-section का निशान

पेट के निचले हिस्से में सर्जरी की एक लाइन

समय के साथ स्कार हल्का हो सकता है, लेकिन देखभाल अलग होती है

अगर पेट के बीच में केवल एक गहरी लाइन है, तो वह स्ट्रेच मार्क्स के बजाय Linea Nigra हो सकती है।

यह प्रेगनेंसी के दौरान हार्मोनल बदलावों से होने वाला सामान्य पिगमेंटेशन है और अक्सर डिलीवरी के बाद धीरे-धीरे हल्का हो जाता है।

इस आर्टिकल में हम मुख्य रूप से पेट के स्ट्रेच मार्क्स को कम करने के तरीकों पर बात करेंगे।

डिलीवरी के बाद स्ट्रेच मार्क्स कब तक हल्के होते हैं?

डिलीवरी के बाद स्ट्रेच मार्क्स हल्के होने में कई महीने लग सकते हैं। कुछ महिलाओं में अगले 6 से 12 महीनों के दौरान रंग और बनावट में बदलाव दिखाई देता है, जबकि कुछ के निशान लंबे समय तक बने रहते हैं।

शुरुआत में ये लाल, गुलाबी, बैंगनी या भूरे रंग के हो सकते हैं।

समय के साथ ये निशान सफेद, सिल्वर या आसपास की स्किन से हल्के दिखाई देने लगते हैं।

अगर डिलीवरी के तीन महीने बाद भी निशान हैं तो?

यह सामान्य है।

डिलीवरी के तीन महीने बाद भी पेट पर स्ट्रेच मार्क्स दिखाई देना इस बात का संकेत नहीं है कि वे अब कभी हल्के नहीं होंगे।

स्किन में बदलाव धीरे-धीरे आते हैं और निशानों की उम्र, गहराई, स्किन टोन और जेनेटिक्स के कारण परिणाम अलग हो सकते हैं।

हालांकि, पुराने सफेद स्ट्रेच मार्क्स आमतौर पर नए लाल निशानों की तुलना में इलाज से कम बदलते हैं।

इसलिए किसी ट्रीटमेंट को चुनने से पहले यह देखना ज्यादा जरूरी है कि निशान अभी किस स्थिति में हैं।

नए लाल और पुराने सफेद स्ट्रेच मार्क्स में कौन सा ट्रीटमेंट बेहतर है?

डिलीवरी के बाद स्ट्रेच मार्क्स का इलाज चुनते समय उनका रंग और उम्र महत्वपूर्ण होते हैं।

नए निशानों को Striae Rubrae और पुराने सफेद निशानों को Striae Albae कहा जाता है।

दोनों की बनावट और उपचार के प्रति प्रतिक्रिया अलग हो सकती है।

निशान की स्थिति

कौन सा उपाय मदद कर सकता है?

क्या उम्मीद रखें?

नए लाल या बैंगनी निशान

डॉक्टर की सलाह से ट्रेटिनॉइन या कुछ हायलूरोनिक एसिड फॉर्मूले

निशान की दिखावट में आंशिक सुधार

पुराने सफेद या सिल्वर निशान

फ्रैक्शनल लेजर, माइक्रोनीडलिंग या रेडियोफ्रीक्वेंसी

टेक्सचर और गहराई में कुछ सुधार

ड्राई या खुजली वाले निशान

सौम्य मॉइस्चराइजर

ड्राइनेस, खिंचाव और असहजता में आराम

नए लाल स्ट्रेच मार्क्स के लिए क्या करें?

नए स्ट्रेच मार्क्स में स्किन के अंदर बदलाव की प्रक्रिया जारी हो सकती है।

इस अवस्था में कुछ टॉपिकल ट्रीटमेंट निशानों की दिखावट कम करने में मदद कर सकते हैं।

रिसर्च में प्रिस्क्रिप्शन ट्रेटिनॉइन और कुछ हायलूरोनिक एसिड फॉर्मूले से शुरुआती स्ट्रेच मार्क्स में सुधार पाया गया है।

हालांकि, ट्रेटिनॉइन एक दवा है। इसे डिलीवरी के बाद, खासकर स्तनपान के दौरान, डॉक्टर की सलाह के बिना शुरू नहीं करना चाहिए।

पुराने सफेद स्ट्रेच मार्क्स के लिए क्या करें?

पुराने सफेद निशान स्किन में बने परिपक्व स्कार होते हैं।

इन पर सामान्य मॉइस्चराइजिंग क्रीम का असर सीमित रहता है, क्योंकि क्रीम स्किन की अंदरूनी संरचना में हुए बदलावों को पूरी तरह ठीक नहीं कर सकती।

ऐसे निशानों के लिए डर्मेटोलॉजिस्ट लेजर, माइक्रोनीडलिंग या रेडियोफ्रीक्वेंसी ट्रीटमेंट सुझा सकते हैं।

इनसे कुछ महिलाओं में निशान कम गहरे या कम दिखाई देने वाले हो सकते हैं, लेकिन परिणाम की गारंटी नहीं होती।

अगर आपके पेट पर दोनों तरह के निशान हैं, तो लाल और सफेद स्ट्रेच मार्क्स के बीच अंतर समझना सही ट्रीटमेंट चुनने में मदद कर सकता है।

डिलीवरी के बाद पेट के स्ट्रेच मार्क्स कम करने के लिए घर पर क्या करें?

डिलीवरी के बाद हर महिला के पास लंबा स्किनकेयर रूटीन फॉलो करने का समय नहीं होता।

ऐसे में कुछ आसान आदतें स्किन को स्वस्थ और आरामदायक रखने में मदद कर सकती हैं।

हालांकि, घर पर किए जाने वाले उपायों से स्ट्रेच मार्क्स पूरी तरह मिटने की उम्मीद नहीं रखनी चाहिए।

1. रोजाना मॉइस्चराइजर लगाएं

प्रेगनेंसी और डिलीवरी के बाद पेट की स्किन ड्राई या टाइट महसूस हो सकती है।

ऐसे में मॉइस्चराइजर लगाने से स्किन में नमी बनाए रखने और रूखेपन के कारण होने वाली असहजता कम करने में मदद मिल सकती है।

हायलूरोनिक एसिड, ग्लिसरीन और शिया बटर जैसे इंग्रीडिएंट्स स्किन को हाइड्रेट और मुलायम रखने के लिए उपयोगी हैं।

नहाने के बाद हल्की नम स्किन पर मॉइस्चराइजर लगाया जा सकता है।

ध्यान रखें कि मॉइस्चराइजर का मुख्य फायदा स्किन की देखभाल करना है, स्ट्रेच मार्क्स हटाना नहीं।

2. हल्के हाथों से क्रीम लगाएं

पूरी तरह स्वस्थ स्किन पर क्रीम लगाते समय हल्के हाथों से मालिश कर सकती हैं।

इसके लिए ज्यादा दबाव डालने या पेट को जोर से रगड़ने की जरूरत नहीं है।

जोरदार मालिश से स्ट्रेच मार्क्स जल्दी मिटने का भरोसेमंद वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।

अगर C-section हुआ है, तो चीरे और उसके आसपास पूरी तरह रिकवरी होने से पहले मालिश न करें।

3. पेट की स्किन को धूप से बचाएं

अगर पेट का हिस्सा धूप में खुला रहता है, तो SPF 30 या उससे ज्यादा वाला ब्रॉड-स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन इस्तेमाल किया जा सकता है।

धूप से आसपास की स्किन टैन हो सकती है, जिससे स्ट्रेच मार्क्स और ज्यादा दिखाई दे सकते हैं।

सनस्क्रीन निशान नहीं हटाता, लेकिन स्किन को UV किरणों से बचाता है।

4. ऐसे घरेलू नुस्खों से बचें जिनसे जलन हो सकती है

इंटरनेट पर स्ट्रेच मार्क्स हटाने के लिए नींबू, बेकिंग सोडा, आलू का रस और विटामिन ई कैप्सूल जैसे कई उपाय बताए जाते हैं।

लेकिन इनके जरिए पुराने स्ट्रेच मार्क्स हटने का मजबूत वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।

नींबू और बेकिंग सोडा जैसे पदार्थ संवेदनशील स्किन में जलन पैदा कर सकते हैं।

नारियल या बादाम का तेल स्किन को मुलायम रखने में मदद कर सकता है, लेकिन स्किन के अंदर बने स्ट्रेच मार्क्स को मिटाने का प्रमाणित उपाय नहीं है।

स्ट्रेच मार्क्स हटाने के ट्रीटमेंट पर वैज्ञानिक रिसर्च क्या कहती है?

स्ट्रेच मार्क्स के लिए बाजार में कई क्रीम और क्लिनिक ट्रीटमेंट उपलब्ध हैं।

लेकिन किसी प्रोडक्ट के दावे और वैज्ञानिक रूप से साबित परिणाम में अंतर होता है।

दो महत्वपूर्ण क्लिनिकल रिसर्च से समझते हैं कि नए और पुराने स्ट्रेच मार्क्स के उपचार पर अब तक क्या पता चला है।

स्टडी 1: ट्रेटिनॉइन क्रीम से कितने लोगों को फायदा हुआ?

1996 में Archives of Dermatology में प्रकाशित एक randomized controlled trial में 22 लोगों को शामिल किया गया।

इस स्टडी में नए स्ट्रेच मार्क्स पर 0.1% ट्रेटिनॉइन क्रीम के असर की तुलना ऐसी क्रीम से की गई जिसमें सक्रिय दवा नहीं थी।

प्रतिभागियों ने छह महीने तक रोजाना निर्धारित क्रीम का इस्तेमाल किया।

छह महीने बाद परिणाम इस प्रकार थे:

ट्रीटमेंट

सुधार देखने वाले प्रतिभागी

0.1% ट्रेटिनॉइन क्रीम

10 में से 8 (80%)

बिना सक्रिय दवा वाली क्रीम

12 में से 1 (लगभग 8%)

रिसर्च में ट्रेटिनॉइन इस्तेमाल करने वाले समूह में स्ट्रेच मार्क्स की लंबाई और चौड़ाई में भी औसतन कमी देखी गई।

इससे पता चलता है कि ट्रेटिनॉइन कुछ नए स्ट्रेच मार्क्स की दिखावट सुधारने में मदद कर सकती है।

लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि ट्रेटिनॉइन हर महिला के 80% स्ट्रेच मार्क्स हटा देगी।

यह केवल 22 लोगों की एक छोटी स्टडी थी। सभी प्रतिभागी डिलीवरी के बाद की महिलाएं नहीं थीं और सुधार का मतलब पूरी तरह निशान मिटना नहीं था।

इसके अलावा, यह एक प्रिस्क्रिप्शन दवा है और इसके इस्तेमाल में मेडिकल सावधानी जरूरी है।

रिसर्च: Kang S, et al. (1996). Topical Tretinoin (Retinoic Acid) Improves Early Stretch Marks. Archives of Dermatology, 132(5), 519–526.

PubMed पर मूल क्लिनिकल स्टडी पढ़ें

स्टडी 2: क्या लेजर के मुकाबले RF माइक्रोनीडलिंग बेहतर विकल्प है?

2024 में Lasers in Medical Science में प्रकाशित एक systematic review और meta-analysis में फ्रैक्शनल CO₂ लेजर और RF माइक्रोनीडलिंग की तुलना की गई।

दोनों ट्रीटमेंट स्किन की अंदरूनी परत में बदलाव लाकर स्ट्रेच मार्क्स की दिखावट सुधारने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं।

रिसर्च में मुख्य रूप से तीन चीजों की तुलना की गई:

क्या जांचा गया?

रिसर्च का परिणाम

डॉक्टर द्वारा आंका गया सुधार

दोनों ट्रीटमेंट में कोई स्पष्ट सांख्यिकीय अंतर नहीं

मरीजों द्वारा महसूस किया गया सुधार

दोनों के बीच कोई स्पष्ट सांख्यिकीय अंतर नहीं

ट्रीटमेंट के बाद स्किन का गहरा पड़ना

RF माइक्रोनीडलिंग में कम पाया गया

इस विश्लेषण में पोस्ट-इन्फ्लेमेटरी हाइपरपिगमेंटेशन के लिए odds ratio 0.24 पाया गया।

आसान भाषा में इसका मतलब है कि उपलब्ध अध्ययनों में RF माइक्रोनीडलिंग कराने वाले समूह में ट्रीटमेंट के बाद स्किन पर गहरे निशान पड़ने की संभावना के संकेत कम मिले।

हालांकि, शामिल अध्ययनों की संख्या और आकार सीमित थे। इसलिए यह नहीं कहा जा सकता कि RF माइक्रोनीडलिंग हर व्यक्ति के लिए बेहतर या सुरक्षित ही होगी।

भारतीय स्किन टोन के लिए यह क्यों जरूरी है?

भारतीय स्किन टोन अलग-अलग होते हैं। कई लोगों में स्किन पर चोट या सूजन के बाद गहरे निशान पड़ने की प्रवृत्ति होती है।

इसलिए लेजर या माइक्रोनीडलिंग कराने से पहले डर्मेटोलॉजिस्ट से पिगमेंटेशन के जोखिम के बारे में जरूर पूछना चाहिए।

रिसर्च: Aktoz F, Yilmaz N. (2024). Comparing Fractional Microneedle Radiofrequency and Fractional CO₂ Laser for Striae Distensae Treatment: A Systematic Review and Meta-Analysis. Lasers in Medical Science, 39, 271.

PubMed पर मेटा-विश्लेषण पढ़ें

इन दोनों रिसर्च से क्या समझना चाहिए?

पहली स्टडी बताती है कि कुछ नए स्ट्रेच मार्क्स प्रिस्क्रिप्शन टॉपिकल ट्रीटमेंट से बेहतर हो सकते हैं।

दूसरी स्टडी दिखाती है कि पुराने या जिद्दी निशानों की बनावट सुधारने के लिए प्रोसीजर उपयोगी हो सकते हैं, लेकिन उनके साथ जोखिम भी हैं।

इसलिए सही इलाज चुनते समय निशान की उम्र, स्किन टोन और व्यक्तिगत मेडिकल स्थिति पर ध्यान देना जरूरी है।

स्तनपान के दौरान स्ट्रेच मार्क्स की कौन सी क्रीम इस्तेमाल कर सकते हैं?

डिलीवरी के बाद स्किनकेयर चुनते समय स्तनपान कराना एक महत्वपूर्ण बात है।

सौम्य मॉइस्चराइजर आमतौर पर स्वस्थ स्किन पर इस्तेमाल किए जा सकते हैं। लेकिन दवा वाली क्रीम, स्ट्रॉन्ग एक्टिव इंग्रीडिएंट्स या बड़े हिस्से पर लगाए जाने वाले उपचार के लिए डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर है।

क्या ट्रेटिनॉइन स्तनपान के दौरान सुरक्षित है?

NIH की LactMed डेटाबेस के अनुसार, त्वचा पर लगाने वाली ट्रेटिनॉइन शरीर में बहुत कम अवशोषित होती है और इसे स्तनपान करने वाले बच्चे के लिए कम जोखिम वाला माना जाता है।

लेकिन स्तनपान के दौरान इसके इस्तेमाल पर प्रत्यक्ष अध्ययन सीमित हैं।

इसलिए इसे अपने आप शुरू नहीं करना चाहिए।

ट्रेटिनॉइन को निप्पल या एरिओला पर नहीं लगाना चाहिए और बच्चे की स्किन का दवा लगे हिस्से से सीधा संपर्क नहीं होने देना चाहिए।

अगर आप ग्लाइकोलिक एसिड, रेटिनॉइड या दूसरे एक्टिव ट्रीटमेंट इस्तेमाल करना चाहती हैं, तो अपनी मेडिकल स्थिति के अनुसार डॉक्टर से सलाह लें।

किसी प्रोडक्ट का नेचुरल या हर्बल होना अपने आप उसके स्तनपान में सुरक्षित होने की गारंटी नहीं है।

C-section के बाद पेट पर क्रीम या मालिश कब शुरू करनी चाहिए?

अगर आपकी डिलीवरी C-section से हुई है, तो स्ट्रेच मार्क्स और सर्जरी के घाव की देखभाल को अलग-अलग समझना जरूरी है।

C-section के ताजे, खुले या पूरी तरह न भरे चीरे पर स्ट्रेच मार्क क्रीम, तेल या मालिश नहीं करनी चाहिए।

घाव पूरी तरह बंद, सूखा और बिना डिस्चार्ज के होना चाहिए। चीरे के पास क्रीम लगाने या उस पर मालिश शुरू करने से पहले डॉक्टर की अनुमति लें।

कुछ महिलाओं में बाहरी घाव लगभग छह सप्ताह में ठीक हो जाता है, लेकिन रिकवरी का समय अलग हो सकता है।

C-section के निशान के लिए क्या इस्तेमाल किया जाता है?

जब सर्जरी का घाव पूरी तरह ठीक हो जाता है, तो डॉक्टर कुछ मामलों में सिलिकॉन जेल या सिलिकॉन शीट्स सुझा सकते हैं।

इनका इस्तेमाल खासकर उभरे हुए सर्जिकल स्कार की देखभाल में किया जाता है। हालांकि, क्लिनिकल रिसर्च में इनके असर को लेकर अभी भी कुछ अनिश्चितता है।

स्ट्रेच मार्क क्रीम और सर्जिकल स्कार का उपचार एक जैसी चीजें नहीं हैं।

अगर आपका C-section हुआ है, तो C-section के बाद स्ट्रेच मार्क क्रीम कब लगाएं इस विषय पर अलग से जानकारी लेना उपयोगी रहेगा।

डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें अगर:

  • घाव में दर्द, लालिमा या सूजन बढ़ रही हो।

  • घाव से पस या बदबूदार पानी आ रहा हो।

  • घाव खुलने लगे।

  • बुखार आए या तबीयत खराब महसूस हो।

ऐसे लक्षणों में क्रीम लगाने के बजाय मेडिकल जांच जरूरी है।

Pokonut Stretch Mark Cream डिलीवरी के बाद कैसे मदद कर सकती है?

डिलीवरी के बाद पेट की स्किन में ड्राइनेस और खिंचाव महसूस होना सामान्य है। ऐसे में नियमित मॉइस्चराइजिंग स्किन को मुलायम और आरामदायक रखने में मदद कर सकती है।

Pokonut Natural Stretch Mark Cream में हायलूरोनिक एसिड, शिया बटर, ग्लिसरीन, रोजहिप सीड ऑयल और मुलेठी जैसे इंग्रीडिएंट्स शामिल हैं।

हायलूरोनिक एसिड और ग्लिसरीन स्किन में नमी बनाए रखने में मदद करते हैं, जबकि शिया बटर और रोजहिप ऑयल स्किन को मुलायम रखने वाले इमोलिएंट्स हैं।

ये इंग्रीडिएंट्स ड्राई और खिंची हुई स्किन की नियमित देखभाल के लिए उपयोगी हो सकते हैं।

हालांकि, किसी इंग्रीडिएंट के मॉइस्चराइजिंग फायदे का मतलब यह नहीं कि उससे बना प्रोडक्ट पुराने स्ट्रेच मार्क्स को पूरी तरह हटा सकता है।

Pokonut की क्रीम को डिलीवरी के बाद स्किन की हाइड्रेशन और कम्फर्ट के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन इसे मेडिकल स्ट्रेच मार्क ट्रीटमेंट का विकल्प नहीं मानना चाहिए।

इसे केवल स्वस्थ और पूरी तरह ठीक हुई स्किन पर लगाएं। अगर आप स्तनपान करा रही हैं या आपका C-section हुआ है, तो इस्तेमाल से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लें।

डिलीवरी के बाद स्ट्रेच मार्क्स के लिए डर्मेटोलॉजिस्ट को कब दिखाएं?

स्ट्रेच मार्क्स आमतौर पर नुकसानदायक नहीं होते, इसलिए हर महिला को इलाज की जरूरत नहीं पड़ती।

लेकिन अगर आप उनकी दिखावट कम करना चाहती हैं या सही उपचार को लेकर असमंजस में हैं, तो डर्मेटोलॉजिस्ट से सलाह लेना उपयोगी हो सकता है।

खासकर इन स्थितियों में:

  • पुराने सफेद स्ट्रेच मार्क्स के लिए लेजर या माइक्रोनीडलिंग पर विचार कर रही हों।

  • किसी क्रीम से लगातार जलन, रैश या एलर्जी हो रही हो।

  • स्ट्रेच मार्क्स अचानक बहुत ज्यादा बढ़ रहे हों और साथ में दूसरे असामान्य लक्षण हों।

  • आप स्तनपान करा रही हों और प्रिस्क्रिप्शन दवा शुरू करना चाहती हों।

  • C-section के निशान में दर्द, सूजन या कोई असामान्य बदलाव हो।

डर्मेटोलॉजिस्ट स्किन की स्थिति देखकर बता सकते हैं कि घरेलू देखभाल पर्याप्त है या किसी मेडिकल ट्रीटमेंट से फायदा मिल सकता है।

निष्कर्ष

डिलीवरी के बाद पेट के स्ट्रेच मार्क्स पूरी तरह हटाना मुश्किल है, लेकिन समय के साथ उनकी दिखावट हल्की हो सकती है।

नए लाल या बैंगनी निशानों में कुछ मेडिकल क्रीम मदद कर सकती हैं, जबकि पुराने सफेद निशानों के लिए लेजर या माइक्रोनीडलिंग जैसे ट्रीटमेंट से आंशिक सुधार संभव है।

रोजाना मॉइस्चराइजर लगाने से स्किन की ड्राइनेस और असहजता कम हो सकती है।

सबसे जरूरी बात यह है कि कोई भी ट्रीटमेंट शुरू करने से पहले निशानों की स्थिति, स्तनपान और डिलीवरी के बाद अपनी रिकवरी को ध्यान में रखें।

About Doctor :

Dr. Mousumi Dash, BAMS

Hosted by Dr. Mousumi Dash, our channel delves into the timeless wisdom of Ayurveda. Here, we explore ancient remedies, herbal treatments, and lifestyle practices to help you achieve optimal health and balance. From personalized dosha assessments to practical tips on diet, skincare, and stress management, Dr. Mousumi Dash combines traditional knowledge with modern insights to guide you on your journey to well-being. Subscribe and join our community to discover the power of Ayurveda in transforming your life naturally.

Back to blog

Leave a comment

Please note, comments need to be approved before they are published.

Frequently Asked Questions

डिलीवरी के बाद पेट के स्ट्रेच मार्क्स कब तक जाते हैं?

डिलीवरी के बाद स्ट्रेच मार्क्स का रंग धीरे-धीरे हल्का हो सकता है। कई महिलाओं में अगले 6 से 12 महीनों में बदलाव दिखाई देता है, लेकिन यह समय सभी के लिए एक जैसा नहीं है। निशान पूरी तरह गायब होने के बजाय अक्सर हल्के स्कार के रूप में रह जाते हैं।

हां, समय के साथ कई स्ट्रेच मार्क्स अपने आप हल्के होने लगते हैं। नए लाल या बैंगनी निशान धीरे-धीरे सफेद या सिल्वर दिख सकते हैं। हालांकि, उनका पूरी तरह मिटना सामान्य नहीं है।

नारियल तेल स्किन में नमी बनाए रखने और ड्राइनेस कम करने में मदद कर सकता है, लेकिन स्ट्रेच मार्क्स हटाने के लिए इसका मजबूत वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इसे मॉइस्चराइजर के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है, इलाज के रूप में नहीं।

पुराने सफेद स्ट्रेच मार्क्स पर सामान्य क्रीम का असर सीमित होता है। लेजर, माइक्रोनीडलिंग और रेडियोफ्रीक्वेंसी जैसे उपचार कुछ लोगों में इनकी दिखावट सुधार सकते हैं, लेकिन पूरी तरह हटने की गारंटी नहीं होती।

यह क्रीम के इंग्रीडिएंट्स और इस्तेमाल की जगह पर निर्भर करता है। सौम्य मॉइस्चराइजर सामान्यतः स्वस्थ स्किन पर इस्तेमाल किए जा सकते हैं, लेकिन प्रिस्क्रिप्शन दवाओं के लिए डॉक्टर की सलाह जरूरी है। बच्चे की स्किन को क्रीम लगे हिस्से के सीधे संपर्क से बचाएं।

C-section के ताजे घाव पर कोई कॉस्मेटिक क्रीम नहीं लगानी चाहिए। जब घाव पूरी तरह बंद और ठीक हो जाए और डॉक्टर अनुमति दें, तब आसपास की स्किन पर मॉइस्चराइजर इस्तेमाल किया जा सकता है। रिकवरी का समय हर महिला में अलग होता है।

लेजर ट्रीटमेंट कुछ लोगों में स्ट्रेच मार्क्स की गहराई, टेक्सचर और दिखावट कम कर सकता है। हालांकि, यह उन्हें पूरी तरह हटाने की गारंटी नहीं देता। सही लेजर और ट्रीटमेंट का चुनाव स्किन टोन तथा निशानों की स्थिति के अनुसार होना चाहिए।